टोंक का मुस्लिम राज्य | 17वीं शताब्दी में एक ब्राह्मण ने 12 गांवों को मिलाकर टोंक की पृष्ठभूमि तैयार की. टोंक राज्य का संस्थापक मुहम्मद अमीर खां पिण्डारी
टोंक का मुस्लिम राज्य
17वीं शताब्दी में एक ब्राह्मण ने 12 गांवों को मिलाकर टोंक की पृष्ठभूमि तैयार की. टोंक राज्य का संस्थापक मुहम्मद अमीर खां पिण्डारी (1768-1834 ई.) था। वह अफगान वंश से संबंधित था। अमीर खां ने इन्दौर के होल्कर वंश में अपनी सेवा प्रदान की और उसे होल्कर सेना का मुख्य सेनानायक बना दिया। अमीर खां ने राजपूताना एवं ब्रिटिश भारत में भयंकर लूटपाट की एवं धन वसूला। 17 नवम्बर, 1817 ई. को अमीर खां ने ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कम्पनी से संधि की, जिसके तहत उसे ‘टोंक का नवाब’ (पहला नवाब) की उपाधि एवं राज्य देकर सम्मानित किया।
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टोंक में राजपूताना एजेंसी के तीन जिले टोंक , अलीगढ़ (रामपुरा) और निम्बाहेडा तथा सेन्ट्रल एजेंसी के तीन जिले छबड़ा, पिरावा तथा सिरॉज को शामिल किया गया। बदले में अमीर खां ने आंतरिक व्यवस्था के लिए आवश्यक सेना को छोड़कर अपनी समस्त सेना अंग्रेजों को सौंप दी तथा लूटपाट व घन वसूली बंद कर दी। राजपूत शासकों ने भी टोंक को एक नए राज्य के रूप में मान्यता प्रदान की। इस प्रकार राजस्थान में अंग्रेजों द्वारा टोंक में एकमात्र मुस्लिम राज्य की स्थापना की गई।

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अमीर खां के पश्चात् वजीरुदौल्ला (वजीर खां) नवाब बना। उसका शासन काल 1834-1864 ई. तक रहा। इसके समय में 1857 का विद्रोह हुआ तथा नवाब ने अपने आप को अन्य शासकों की तरह अंग्रेजों के साथ जोड़ लिया। नवाब सर मोहम्मद इब्राहीम अली खान’ GCIE (1867-1930) टोंक का एक प्रमुख नवाब था। जो लार्ड लिटन के दरबार (1877 ई.) तथा लार्ड कर्जन के दिल्ली दरबार (1903 ई.) में सम्मिलित हुआ इब्राहीम खां ने टोंक में सुनहरी कोठी का निर्माण करवाया जो अपनी पच्चीकारी एवं मीनाकारी के लिए प्रसिद्ध है।
1887 ई. में टोंक के इस तीसरे नवाब को अंग्रेजों ने कैद करके बनारस में नजरबंद कर दिया था। इस दौरान नवाब ने ईरान, इराक, मिस्र, अरब तथा भारत के विभिन्न शहरों से अरबी एवं फारसी भाषा के विद्वानों को बुलाकर धार्मिक एवं ऐतिहासिक पुस्तकों का लेखन एवं अनुवाद करवाया। जिन्हें टोंक लाकर शाही निवास में रखा गया। राजस्थान सरकार ने सन् 1978 में इस शाही लाइब्रेरी को अरबी फारसी शोध संस्थान के रूप में स्थापित किया। सन् 1947 में जब देश का विभाजन हुआ तो यहां के नवाब हाफिज मोहम्मद शाहदत्त अली खां ने भारत संघ में मिलने का फैसला किया।
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टोंक का मुस्लिम राज्य FAQ
Ans – 17वीं शताब्दी में एक ब्राह्मण ने 12 गांवों को मिलाकर टोंक की पृष्ठभूमि तैयार की थी.
Ans – टोंक राज्य का संस्थापक मुहम्मद अमीर खां पिण्डारी (1768-1834 ई.) था.
Ans – अमीर खां ने ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कम्पनी से संधि 17 नवम्बर, 1817 ई. को की थी.
Ans – अमीर खां के पश्चात् टोंक का नवाब वजीरुदौल्ला (वजीर खां) नवाब बना था.
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