Close Menu
History Glow
    Facebook X (Twitter) Instagram
    History Glow
    • Home
    • News
    • Business
    • Technology
    • Social Media
    • Entertainment
    • Fashion
    • Lifestyle
    • Health
    History Glow
    Home»भारत के राजवंश»मालवा का परमार राजवंश

    मालवा का परमार राजवंश

    0
    By Kerry on 23/11/2022 भारत के राजवंश, राजस्थान का इतिहास
    मालवा का परमार राजवंश

    मालवा का परमार राजवंश | मालवा के परमारों का मूल निवास आबू ही था। इनकी राजधानी उज्जैन या ‘धारा नगरी’ थी। इनके प्रारंभिक शासकों में उपेन्द्र, वैरिसिंह प्रथम, सियक प्रथम आदि का नाम मिलता है

    मालवा का परमार राजवंश

    मालवा के परमारों का मूल निवास आबू ही था। इनकी राजधानी उज्जैन या ‘धारा नगरी’ थी। इनके प्रारंभिक शासकों में उपेन्द्र, वैरिसिंह प्रथम, सियक प्रथम आदि का नाम मिलता है। संभवतः ये राष्ट्रकूटों के सामंत थे। मेरुतुंग की ‘प्रबंध चिंतामणि’ तथा पद्मगुप्त के ‘नवसाहसांक चरित’ के अनुसार परमार शासक सियक द्वितीय के कोई पुत्र नहीं था। मुंज परमार उसका दत्तक पुत्र था।

    यह भी देखे :- आबू का परमार राजवंश

    मुंज परमार

    मालवा के परमारों में मुंज परमार बड़ा प्रतापी शासक हुआ। इसने हूणों को परास्त किया। इसे ‘वाक्पति राज’ तथा ‘उत्पलराज’ नामों से भी जाना जाता है। उसने अमोघवर्ष, पृथ्वीवल्लभ तथा श्रीवल्लभ की उपाधियां धारण की। उसने कल्याणी के चालुक्य नरेश तैलप द्वितीय को छः बार परास्त किया।

    वह कवियों तथा विद्वानों का आश्रयदाता था। उसने ‘कवि वृष’ को उपाधि धारण की। उसकी राजसभा में अभियान रत्नमाला का लेखक हलायुध, नवसाहसांकचरित का लेखक पद्मगुप्त, दशरूपक का लेखक धनंजय, यशोरूपावलोक का रचयिता धनिक जैसे प्रसिद्ध विद्वान रहते थे।

    मालवा का परमार राजवंश
    मालवा का परमार राजवंश
    यह भी देखे :- परमार वंश

    राजा भोज

    धारानगरी का राजा भोज न केवल राजस्थान के इतिहास में वरन् भारत के इतिहास में बड़ा प्रसिद्ध शासक हुआ। यह सिंधुराज का पुत्र था। यह युद्ध एवं साहित्य दोनों क्षेत्रों में मध्ययुग में अग्रणी शासक था। उसने धारानगरी में ‘सरस्वती कण्ठाभरण’ नामक पाठशाला बनवायी जिसे भोजशाला भी कहा जाता था। उसने इसमें वाग्देवी की प्रतिमा स्थापित की जिसे भारतीय ‘सरस्वती देवी’ की प्रतिमा के रूप में स्वीकार किया गया है, जो ज्ञानपीठ पुरस्कार का प्रतीक चिह्न है।

    उसके द्वारा बनवाई गई एक संस्कृत पाठशाला जालौर में भी मिलती है। भोज ने चित्तौड़ में त्रिभुवन नारायण का मंदिर बनवाया। उसने उज्जैन की जगह ‘धारानगरी’ को राजधानी बनाया। अपने नाम से ‘भोजपुर नगर’ बसाया था एवं एक बहुत बड़े ‘भोजसर तालाब’ का निर्माण करवाया। उसने केदारेश्वर, रामेश्वर, सोमनाथ, सुडौर आदि अनेक मंदिरों का निर्माण करवाया।

    भोज अपनी विद्वता के कारण ‘कविराज’ उपाधि से प्रख्यात था। अबुल फजल (आइन-ए-अकबरी) के अनुसार भोज की राजसभा में 500 विद्वान रहते थे। राजा भोज ने समरांगण सूत्रधार, सरस्वती कंठाभरण, सिद्धान्त समूह, राजमर्तण्ड, योगसूत्रवृत्ति, विद्याविनोद, युक्ति-कल्पतरु, आदित्यप्रताप सिद्धान्त, आयुर्वेद सर्वस्व आदि ग्रंथों की रचना की। उसकी राजसभा में मेरुतुंग, बल्लल, वररुचि, सुबंधु, अमर, राजशेखर, माघ, धनपाल, मानतुंग आदि अनेक विद्वान रहते थे। भोज की मृत्यु पर पण्डितों को महान् दुःख हुआ। उसकी मृत्यु पर यह कहावत प्रचलित हो गयी कि ‘अद्य धारा निराधारा निरालम्बा सरस्वती’ अर्थात् धारा नगरी में विद्या और विद्वान दोनों निराश्रित हो गए।

    यह भी देखे :- शेखावाटी का कछवाहा राजवंश

    मालवा का परमार राजवंश FAQ

    Q 1. मालवा के परमारों का मूल निवास कहाँ था?

    Ans – मालवा के परमारों का मूल निवास आबू था.

    Q 2. मालवा के परमारों की राजधानी कहाँ स्थित थी?

    Ans – मालवा के परमारों की राजधानी उज्जैन या ‘धारा नगरी’ थी.

    Q 3. मुंज परमार को किन अन्य नामों से भी जाना जाता है?

    Ans – मुंज परमार को ‘वाक्पति राज’ तथा ‘उत्पलराज’ नामों से भी जाना जाता है.

    Q 4. मुंज परमार को किस उपाधि से सम्मनित किया गया था?

    Ans – मुंज परमार को ‘कवी वृष’ नामक उपाधि से सम्मानित किया गया था.

    Q 5. अबुल फजल (आइन-ए-अकबरी) के अनुसार भोज की राजसभा में कितने विद्वान रहते थे?

    Ans – अबुल फजल (आइन-ए-अकबरी) के अनुसार भोज की राजसभा में 500 विद्वान रहते थे.

    आर्टिकल को पूरा पढ़ने के लिए आपका बहुत धन्यवाद.. यदि आपको हमारा यह आर्टिकल पसन्द आया तो इसे अपने मित्रों, रिश्तेदारों व अन्य लोगों के साथ शेयर करना मत भूलना ताकि वे भी इस आर्टिकल से संबंधित जानकारी को आसानी से समझ सके.

    यह भी देखे :- अलवर का कछवाहा राजवंश
    Go To Home Page 🏠

    Follow on Social Media

    • Instagram
    • Facebook
    • Twitter
    • LinkedIn

    केटेगरी वार इतिहास


    प्राचीन भारतमध्यकालीन भारत आधुनिक भारत
    दिल्ली सल्तनत भारत के राजवंश विश्व इतिहास
    विभिन्न धर्मों का इतिहासब्रिटिश कालीन भारतकेन्द्रशासित प्रदेशों का इतिहास
    Parmar Dynasty of Malwa मालवा का परमार राजवंश
    Kerry
    • Website

    Recent Posts

    Tips to Create an Interesting and Successful Business Presentation

    09/04/2025

    How CNC Technology is Shaping the Future of Manufacturing

    09/04/2025

    Optimizing Your Home Network: Choosing the Right Router

    24/02/2025

    The Ultimate Guide to Hiring a Removal Firm in Manchester: What You Need to Know

    28/01/2025

    How Mini Movers in Stockport Can Save You Time and Money on Small Moves

    28/01/2025

    How to Find the Perfect Unique Abaya: A Guide to Style and Elegance

    28/01/2025
    Follow on Social Media
    • App
    • Automotive
    • Beauty Tips
    • Business
    • Digital Marketing
    • Education
    • Entertainment
    • Fashion
    • Finance
    • Fitness
    • Food
    • Games
    • Health
    • Home Improvement
    • Lawyer
    • Lifestyle
    • News
    • Pet
    • Photography
    • Real Estate
    • Social Media
    • Sports
    • Technology
    • Travel
    • Website
    About Us
    About Us

    Find out the best news about Business Education , Fashion , Lifestyle, Technology, Sports and many more news as trending news.

    New Release

    Before Google Maps: The Tools People Used to Navigate the World

    22/07/2025

    Tips to Create an Interesting and Successful Business Presentation

    09/04/2025
    Social follow & Counters
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • LinkedIn
    • Telegram
    • WhatsApp
    • About us
    • DMCA
    • Privacy Policy
    • Contact Us
    Historyglow.net © 2026, All Rights Reserved

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.